बीजापुर, 29 मई।
नौतपा की भीषण गर्मी के बीच बीजापुर जिला तेज लू और तपती धूप की चपेट में आ गया है, जहां तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है और हीट स्ट्रोक का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
गर्मी और स्वास्थ्य पर बढ़ते प्रभाव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता के लिए विशेष एडवायजरी जारी की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीआर पुजारी ने नागरिकों से अपील की है कि इस मौसम में थोड़ी सी भी लापरवाही गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकती है।
उन्होंने बताया कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक की अवधि सबसे अधिक खतरनाक रहती है, ऐसे समय में अत्यंत आवश्यक कार्य होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है। बाहर निकलते समय सिर को गमछा, टोपी या छाते से ढकना अनिवार्य बताया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने खानपान को लेकर भी सतर्कता बरतने की सलाह दी है और अधिक तला-भुना, मसालेदार भोजन, मांसाहार तथा मदिरा सेवन से बचने को कहा गया है, साथ ही हल्का एवं सुपाच्य भोजन लेने पर जोर दिया गया है।
डॉ. पुजारी ने कहा कि इस मौसम में शरीर में पानी की कमी सबसे बड़ा खतरा बनती है, इसलिए बार-बार पानी, छाछ, नींबू पानी और ओआरएस का सेवन करना आवश्यक है। उन्होंने बच्चों और बुजुर्गों की विशेष देखभाल की आवश्यकता पर भी बल दिया।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि धूप में खड़ी बंद गाड़ियों में बच्चों को अकेला छोड़ना जानलेवा साबित हो सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने हीट स्ट्रोक के लक्षणों को नजरअंदाज न करने की अपील करते हुए कहा कि तेज सिरदर्द, चक्कर, बुखार, उल्टी, घबराहट या कमजोरी महसूस होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क किया जाए।
बचाव के उपायों में हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनना, धूप के चश्मे और छाते का उपयोग करना तथा तरबूज, खरबूजा और खीरा जैसे जलयुक्त फलों का सेवन करना शामिल बताया गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि इस मौसम में सबसे बड़ा बचाव सावधानी ही है और लोगों को ठंडी जगहों पर रहकर अनावश्यक रूप से धूप में निकलने से बचना चाहिए।
















