महाकौशल क्षेत्र के एक जिले में कलेक्टर इन दिनों अपनी साइकिल को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील को उन्होंने व्यवहार में बदलने का निर्णय लिया। एक दिन उन्होंने सरकारी वाहन की बजाय साइकिल से कलेक्ट्रेट पहुंचने का फैसला किया। बताया जा रहा है कि यह साइकिल उनके आवास पर कार्यरत माली की थी।
रास्ते में मौजूद लोगों को अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हुआ। कई अधिकारी भी इस दृश्य को देखकर आश्चर्य में पड़ गए। बिना किसी औपचारिक संदेश या निर्देश के साहब ने अपने इस कदम से एक बड़ा संदेश दे दिया।
अब चर्चाओं का दौर तेज है कि जब कलेक्टर स्वयं साइकिल चला सकता है, तो बाकी लोग केवल सलाह तक ही क्यों सीमित हैं।
















