नई दिल्ली, 19 अप्रैल।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 21 से 23 अप्रैल तक तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर जर्मनी जाएंगे, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत और जर्मनी के बीच रणनीतिक रक्षा साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ करना बताया गया है, इस संबंध में रक्षा मंत्रालय ने रविवार को जानकारी दी है।
इस दौरे के दौरान रक्षा मंत्री की जर्मनी के अपने समकक्ष बोरिस पिस्टोरियस तथा वहां की सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय स्तर पर विस्तृत बातचीत प्रस्तावित है, जिसमें रक्षा सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने पर विचार होगा।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार वार्ता का केंद्र बिंदु रक्षा औद्योगिक सहयोग को बढ़ाना, सैन्य स्तर पर आपसी संबंधों को मजबूत करना तथा साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और ड्रोन तकनीक जैसे उभरते क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाना रहेगा।
इस यात्रा के दौरान रक्षा औद्योगिक सहयोग रोडमैप और संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन प्रशिक्षण सहयोग से संबंधित कार्यान्वयन समझौते पर दोनों रक्षा मंत्रियों की मौजूदगी में हस्ताक्षर होने की संभावना है।
इसके साथ ही यह यात्रा दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच चल रही परियोजनाओं की समीक्षा करने और भविष्य में सहयोग के नए अवसरों की पहचान करने का अवसर भी प्रदान करेगी।
रक्षा मंत्री जर्मनी के प्रमुख रक्षा उद्योग प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे, जिसमें संयुक्त विकास और सह-उत्पादन को बढ़ावा देने पर चर्चा होगी, जो भारत की मेक इन इंडिया नीति के अनुरूप है।
यह यात्रा पिछले सात वर्षों में किसी भारतीय रक्षा मंत्री की पहली जर्मनी यात्रा होगी, इससे पहले फरवरी 2019 में तत्कालीन रक्षा मंत्री ने वहां का दौरा किया था।
मंत्रालय ने यह भी उल्लेख किया कि जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने जून 2023 में भारत यात्रा के दौरान राजनाथ सिंह के साथ विस्तृत चर्चा की थी।
भारत और जर्मनी के बीच लोकतांत्रिक मूल्यों, विधि के शासन और नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर आधारित मजबूत बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी है, जिसमें हाल के वर्षों में रक्षा और सुरक्षा सहयोग प्रमुख स्तंभ के रूप में उभरा है।
















