नई दिल्ली, 29 अप्रैल।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि भारत में मौसम की भविष्यवाणी अब पहले की तुलना में अधिक सटीक हो गई है और इसके पीछे डॉप्लर वेदर रडार नेटवर्क का तेजी से विस्तार प्रमुख कारण है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में देश में केवल 14 रडार थे, जो अब बढ़कर 50 हो गए हैं, जिससे मौसम निगरानी क्षमता में बड़ा सुधार हुआ है।
उन्होंने कहा कि सरकार ‘मिशन मौसम’ के तहत इस नेटवर्क को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है और आगे 50 नए रडार लगाने की योजना है। इससे आंधी-तूफान, भारी बारिश और चक्रवात जैसी परिस्थितियों का पहले से बेहतर और समय पर अनुमान लगाया जा सकेगा। इसके साथ ही ‘नाउकास्ट’ सेवा के जरिए अगले कुछ घंटों का स्थानीय मौसम भी सटीक रूप से बताया जा रहा है।
मंत्री ने बताया कि डॉप्लर रडार तकनीक हवा और वर्षा की गति को मापकर यह जानकारी देती है कि बारिश कितनी तेज होगी, ओले गिरेंगे या नहीं और बूंदों का आकार क्या होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अब लोग घर से निकलने से पहले मौसम की जानकारी लेने लगे हैं, जिससे पूर्वानुमान प्रणाली पर भरोसा बढ़ा है।
कार्यक्रम के दौरान मौसम विभाग परिसर में एक सेल्फी प्वाइंट का उद्घाटन भी किया गया, जिसका उद्देश्य मौसम पूर्वानुमान में वायुमंडलीय निगरानी की भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह पहल आपदा प्रबंधन, किसानों की सहायता और समय पर चेतावनी प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
















