गुवाहाटी, 28 मई।
असम में गुरुवार को ईद-उल-जुहा का पर्व पूरे राज्य में धार्मिक आस्था, उत्साह और भाईचारे के वातावरण में मनाया गया, जहां मुस्लिम समुदाय में विशेष उल्लास देखा गया।
हिजरी कैलेंडर के जिल्हज्ज माह की दसवीं तारीख को मनाए जाने वाले इस पर्व को लेकर केंद्रीय हिलाल कमेटी की घोषणा के बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों में ईद का आयोजन किया गया।
सुबह से ही ईदगाह मैदानों और मस्जिदों में नमाज अदा करने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए, जहां सामूहिक प्रार्थना के दौरान देश में शांति, समृद्धि और भाईचारे की दुआ की गई, जिसके बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की शुभकामनाएं दीं।
ईद-उल-जुहा, जिसे बकरीद और ईद-उल-अजहा के नाम से भी जाना जाता है, इस्लाम धर्म का प्रमुख पर्व माना जाता है और इसका अर्थ त्याग का पर्व होता है, जिसमें श्रद्धा के अनुसार कुरबानी की परंपरा निभाई जाती है।
राज्यभर में पर्व को लेकर उत्सव का माहौल देखा गया और मस्जिदों तथा ईदगाहों को आकर्षक रूप से सजाया गया, वहीं सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए।
यह पर्व त्याग, समर्पण, प्रेम और मानवता का संदेश देते हुए समाज में आपसी भाईचारे और सौहार्द को मजबूत करने का कार्य करता है।
















