
एक माननीय साहब कभी मंत्री रहते हुए राजधानी में ऐसा दरबार लगाते थे कि सुबह से शाम तक फरियादियों और समर्थकों की लाइन लगी रहती थी, लेकिन अब भोपाल फीका-फीका लगने लगा...
मन प्रसन्न बना रहेगा। अचल संपत्ति की खरीद अथवा कृषि उद्यम में रुचि पैदा होगी। परिवार के साथ मनोरांजनिक स्थल की यात्रा होगी। आपसी प्रेम-भाव में बढ़ोतरी होगी। भविष्य की योजनाओं पर विचार विमर्श होगा। अपनों का सहयोग प्राप्त होगा। सभी का सहयोग मिलेगा। शुभांक-1-3-5