भोपाल, 21 जुलाई।
मध्य प्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पारित होने पर प्रदेश के खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने इसे राज्य के इतिहास का ऐतिहासिक और दूरगामी निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि संविधान की मूल भावना, सामाजिक समरसता, समान न्याय और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मंत्री ने कहा कि यूसीसी का उद्देश्य सभी नागरिकों को समान अधिकार और समान दायित्व उपलब्ध कराना है। उनके अनुसार इसके लागू होने से व्यक्तिगत कानूनों के आधार पर होने वाले भेदभाव और असमानताओं को समाप्त करने की दिशा में ठोस पहल होगी तथा महिलाओं सहित समाज के सभी वर्गों को न्याय और समान अवसर सुनिश्चित होंगे। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से मध्य प्रदेश सरकार ने सामाजिक न्याय, सुशासन और संवैधानिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है तथा प्रदेश को विकास और समावेशी शासन की नई दिशा मिलेगी।
गोविंद सिंह राजपूत ने इस निर्णय का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की राजनीतिक इच्छाशक्ति को दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के संकल्प को मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आगे बढ़ाया है। उनके अनुसार इसी नेतृत्व के कारण मध्य प्रदेश उन राज्यों में शामिल हुआ है, जिन्होंने समानता और सामाजिक समरसता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री और सभी विधानसभा सदस्यों को विधेयक पारित होने पर बधाई देते हुए इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए न्यायपूर्ण और समान अधिकारों वाले समाज की मजबूत नींव बताया।
मंत्री ने विश्वास जताया कि मध्य प्रदेश का यह निर्णय अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा और समान नागरिक संहिता को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर सकारात्मक विमर्श को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने यह साबित किया है कि स्पष्ट नीति, मजबूत नेतृत्व और जनहित के प्रति समर्पण के साथ बड़े निर्णय लिए जा सकते हैं।
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस के हंगामे पर प्रतिक्रिया देते हुए गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि कांग्रेस हर मुद्दे पर भ्रम और असमंजस की स्थिति में दिखाई दी तथा यह तय नहीं कर सकी कि उसे यूसीसी का समर्थन करना है या विरोध। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास जनता से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट दृष्टिकोण नहीं है और उसका आचरण केवल राजनीतिक प्रदर्शन तक सीमित रहा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के विधायक जनहित से जुड़े गंभीर विषयों पर सार्थक चर्चा करने के बजाय हंगामा करने की राजनीति कर रहे हैं। उनके अनुसार प्रदेश की जनता किसानों, गरीबों, युवाओं और विकास से जुड़े विषयों पर गंभीर बहस की अपेक्षा करती है, लेकिन कांग्रेस ने सदन की कार्यवाही में बार-बार व्यवधान डालने का प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का उद्देश्य केवल राजनीतिक शोर-शराबा और मीडिया में बने रहना है।















