धर्मशाला, 13 जून।
भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले से पहले भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने कहा है कि विराट कोहली जैसे अनुभवी बल्लेबाज की कमी निश्चित रूप से महसूस होगी, लेकिन इससे युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का महत्वपूर्ण अवसर भी मिलेगा।
मैच पूर्व आयोजित प्रेस वार्ता में मोर्कल ने कहा कि विराट लंबे समय से भारतीय मध्यक्रम की मजबूती रहे हैं और उनका अनुभव टीम के लिए हमेशा उपयोगी साबित होता है। ऐसे खिलाड़ी की अनुपस्थिति किसी भी टीम के लिए चुनौतीपूर्ण होती है, लेकिन भारतीय टीम में प्रतिभा की कमी नहीं है और अन्य खिलाड़ियों के पास अपनी छाप छोड़ने का मौका रहेगा।
जसप्रीत बुमराह को लेकर पूछे गए प्रश्न पर मोर्कल ने कहा कि टीम प्रबंधन भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए अधिक विकल्प तैयार करना चाहता है। इसी सोच के तहत युवा खिलाड़ियों को भी अवसर दिए जा रहे हैं, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित कर सकें।
उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ियों गुरनूर और प्रिंस को टीम में शामिल करने का उद्देश्य उन्हें बड़े मंच का अनुभव देना है। टीम को उम्मीद है कि दोनों खिलाड़ी मिले अवसर का पूरा लाभ उठाएंगे और प्रभावी प्रदर्शन करेंगे।
हार्दिक पांड्या की भूमिका पर चर्चा करते हुए मोर्कल ने कहा कि वह टीम के सबसे महत्वपूर्ण ऑलराउंडरों में शामिल हैं। उनकी मौजूदगी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में संतुलन प्रदान करती है। उन्होंने माना कि हार्दिक जैसे खिलाड़ी का विकल्प तैयार करना आसान नहीं है, लेकिन भविष्य को ध्यान में रखते हुए नए खिलाड़ियों को अवसर देना भी जरूरी है।
मोर्कल ने कहा कि विराट के स्थान पर ईशान किशन, केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल जैसे बल्लेबाजों के पास अपनी उपयोगिता साबित करने का अच्छा मौका रहेगा। उनके अनुसार भारतीय टीम का लक्ष्य केवल एक खिलाड़ी पर निर्भर रहना नहीं, बल्कि मजबूत विकल्प तैयार करना भी है।
अफगानिस्तान की टीम को लेकर उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में वहां के खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया है। अफगानिस्तान लगातार बेहतर क्रिकेट खेल रहा है और उसकी टीम को किसी भी स्थिति में हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा कि विरोधी टीम के खिलाड़ी अब विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल कर रहे हैं, जिससे उनके खेल में परिपक्वता आई है।
धर्मशाला के मौसम और संभावित बारिश को लेकर मोर्कल ने कहा कि परिस्थितियां किसी के नियंत्रण में नहीं होतीं। इसलिए भारतीय टीम हर तरह की स्थिति के लिए तैयार है और खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी तथा गेंदबाजी दोनों पहलुओं पर पूरा ध्यान दिया है।















