भोपाल, 16 जून।
प्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के बीच माध्यमिक शिक्षक भर्ती 2024 के चयनित अभ्यर्थियों ने नियुक्ति की मांग को लेकर राजधानी में लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) का घेराव किया। विभिन्न जिलों से पहुंचे अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन करते हुए आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा और नियुक्ति आदेश जारी होने तक अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रखने की घोषणा की।
प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों का कहना है कि चॉइस फिलिंग प्रक्रिया पूरी हुए छह महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक नियुक्ति आदेश जारी नहीं किए गए हैं। उनका आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में उन्हें संघर्ष करना पड़ा और चयन सूची में नाम आने के बाद भी नौकरी के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है।
अभ्यर्थियों ने बताया कि वे पिछले कई महीनों के दौरान कई बार भोपाल पहुंचकर शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारियों से मुलाकात कर चुके हैं। उनका कहना है कि हर बार उन्हें जल्द नियुक्ति का आश्वासन मिला, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नए शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ से पहले नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने का भरोसा भी दिया गया था, लेकिन आदेश जारी नहीं हुए।
शहडोल से पहुंचे चयनित अभ्यर्थी सलमान ने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद नियुक्ति नहीं मिलने से अभ्यर्थियों को सामाजिक और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि लगातार लोगों के सवालों और अनिश्चितता की स्थिति ने कई अभ्यर्थियों को मानसिक रूप से परेशान कर दिया है।
टीकमगढ़ से आए अभ्यर्थी रमाकांत ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया को चार वर्ष से अधिक समय हो चुका है। परीक्षा से लेकर परिणाम और चयन तक के विभिन्न चरणों में अभ्यर्थियों को कई बार अपनी मांगों के लिए आवाज उठानी पड़ी। उनका कहना है कि अब अनेक अभ्यर्थी नियुक्ति मिलने तक भोपाल में ही आंदोलन जारी रखने के लिए तैयार हैं।
धरना स्थल पर बड़ी संख्या में महिला अभ्यर्थी भी मौजूद रहीं। कई महिलाएं अपने छोटे बच्चों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुईं। उनका कहना है कि चयन के बाद भी नियुक्ति नहीं मिलने से परिवारों पर आर्थिक और मानसिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। चयनित शिक्षिका सिमरन ने कहा कि परीक्षा और परिणाम के बाद भी नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं होने से अभ्यर्थियों में निराशा बढ़ रही है।
अभ्यर्थियों ने यह भी सवाल उठाया कि जब प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है, तब नियुक्ति प्रक्रिया को लंबित रखने का कोई औचित्य नहीं है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 1,895 सरकारी स्कूलों में एक भी शिक्षक पदस्थ नहीं है। वहीं 29 हजार से अधिक विद्यालयों में लगभग एक लाख शिक्षकों के पद रिक्त बताए जा रहे हैं। कई ग्रामीण स्कूल सीमित शिक्षकों के सहारे संचालित हो रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि माध्यमिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2022 में शुरू हुई थी। पात्रता परीक्षा, चयन परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन सहित सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। सितंबर 2025 में परिणाम घोषित होने के बाद अभ्यर्थियों को जल्द नियुक्ति मिलने की उम्मीद थी, लेकिन लंबे समय बाद भी आदेश जारी नहीं हो सके हैं।
प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा है कि उनकी मांग केवल नियुक्ति आदेश जारी करने की है। उनका कहना है कि वर्षों की तैयारी, चयन प्रक्रिया और प्रतीक्षा के बाद अब वे किसी प्रकार का अतिरिक्त लाभ नहीं, बल्कि केवल अपनी नियुक्ति चाहते हैं। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि जब तक नियुक्ति आदेश जारी नहीं किए जाते, उनका आंदोलन जारी रहेगा।















