मॉस्को, 18 जून।
यूक्रेन ने गुरुवार तड़के मॉस्को पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला किया, जिसमें शहर के दक्षिणी हिस्से में स्थित एक प्रमुख तेल रिफाइनरी में भीषण आग लग गई। हमले के बाद इलाके में काले धुएं का घना गुबार छा गया। यह रिफाइनरी राजधानी के केंद्र से लगभग 15 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है और मॉस्को की ईंधन आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने बताया कि सुबह करीब छह बजे वायु रक्षा प्रणाली बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले को रोकने में जुटी थी। उनके अनुसार कई ड्रोन सुरक्षा घेरा भेदकर रिफाइनरी तक पहुंचने में सफल रहे। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में संयंत्र से उठती आग की ऊंची लपटें और धुएं के विशाल गुबार दिखाई दिए। इसी रिफाइनरी को मंगलवार को भी निशाना बनाया गया था, जिसके बाद इसके संचालन पर असर पड़ा था।
सोब्यानिन ने दावा किया कि हमले के दौरान करीब 200 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए गए। यह संख्या मार्च में हुए पिछले बड़े हमले से कहीं अधिक है, जब 74 ड्रोन नष्ट किए गए थे। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इन हमलों को रूसी हमलों के जवाब में उठाया गया उचित कदम बताया और कहा कि युद्ध समाप्त करने के लिए रूस को कूटनीतिक पहल करनी चाहिए।
ड्रोन हमले के कारण रूस के सबसे व्यस्त हवाई अड्डे शेरेमेतेवो में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया और उड़ान संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया। राजधानी के सभी प्रमुख हवाई अड्डों पर भी कुछ समय के लिए प्रतिबंध लगाए गए, जिन्हें बाद में हटा लिया गया। इस दौरान कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
मॉस्को के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में रहने वाली एक महिला ने बताया कि वह सुबह करीब पांच बजे ड्रोन पर की जा रही हवाई सुरक्षा कार्रवाई की आवाज से जाग गईं। उन्होंने कहा कि इस घटना ने उन्हें झकझोर दिया। दूसरी ओर, शहर के एक अन्य निवासी ने कहा कि चार वर्षों से अधिक समय से जारी संघर्ष के चलते राजधानी के कई लोग ऐसे हमलों के अभ्यस्त हो चुके हैं।
मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव के अनुसार ड्रोन हमलों में दो बच्चों समेत 17 लोग घायल हुए हैं। वहीं दक्षिणी रोस्तोव क्षेत्र में हुए हमलों में एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो अन्य घायल हुए। वहां एक डीजल इंजन को नुकसान पहुंचा तथा दो इमारतों में आग लग गई।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि बुधवार रात से गुरुवार सुबह तक देश के विभिन्न हिस्सों और क्रीमिया क्षेत्र में कुल 555 ड्रोन रोके गए। इस वर्ष वसंत से यूक्रेन ने रूसी रिफाइनरी और आपूर्ति नेटवर्क पर हमले बढ़ाए हैं, जिससे ईंधन उत्पादन और आपूर्ति प्रभावित हुई है।
क्रीमिया को ईंधन पहुंचाने वाले टैंकरों और आपूर्ति मार्गों को भी निशाना बनाए जाने से वहां ईंधन संकट गहरा गया है। हाल के सप्ताहों में रूस के कई क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों पर सीमित आपूर्ति जैसे कदम लागू किए गए हैं। यह स्थिति ऐसे समय बनी है जब गर्मियों की यात्रा और कृषि गतिविधियां तेज हैं। उद्योग सूत्रों के मुताबिक ईंधन की कमी को देखते हुए रूस इस महीने समुद्री मार्ग से एशिया से ईंधन आयात करने की तैयारी कर रहा है।















