नई दिल्ली, 18 जून।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि जीवन में सत्यनिष्ठा, त्याग, निरंतर अभ्यास और कर्म ही व्यक्ति को सफलता तथा सम्मान के मार्ग पर आगे बढ़ाते हैं। उन्होंने इन मूल्यों को व्यक्तिगत विकास और समाज की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया।
प्रधानमंत्री ने गुरुवार को सामाजिक मंच पर एक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए उसके माध्यम से जीवन मूल्यों का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि समृद्धि का संबंध सत्य से, यश का संबंध त्याग से, विद्या का संबंध अभ्यास से और बुद्धि का संबंध कर्म से जुड़ा होता है।
प्रधानमंत्री के अनुसार व्यक्ति का चरित्र इन्हीं गुणों से मजबूत बनता है और समाज भी ऐसे मूल्यों के आधार पर आगे बढ़ता है। उन्होंने संकेत दिया कि जीवन में स्थायी सफलता के लिए इन सिद्धांतों को अपनाना आवश्यक है।
साझा किए गए श्लोक में विद्या, बुद्धि, सत्य और सत्कर्मों के महत्व को रेखांकित किया गया है। इसके माध्यम से परिश्रम, सेवा भावना और नैतिक आचरण को जीवन का आधार बनाने का संदेश दिया गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये आदर्श न केवल व्यक्ति के व्यक्तित्व को निखारते हैं, बल्कि सामूहिक उन्नति और सम्मानजनक जीवन की दिशा भी तय करते हैं।















