देहरादून, 19 जून।
उत्तराखंड की प्रसिद्ध देहरादून लीची ने यूरोपीय बाजार में नई पहचान बनाई है। पहली बार राज्य की ताजा लीची की खेप इटली भेजी गई है। इस उपलब्धि पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे भारतीय कृषि उत्पादों के लिए यूरोप के बाजारों में नए अवसर खुलेंगे।
एक मीट्रिक टन ताजी लीची की पहली खेप इटली रवाना की गई है। इस निर्यात को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत एपीडा ने सहयोग प्रदान किया। पीयूष गोयल ने कहा कि उत्तराखंड की प्रसिद्ध लीची का पहली बार इटली पहुंचना भारतीय कृषि उत्पादों की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल रही है और किसानों को बेहतर आय के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। इस पहल से देश के बागवानी उत्पादों की वैश्विक पहुंच और मजबूत होगी।
एपीडा द्वारा 18 जून को देहरादून से इटली के लिए ताजा लीची की पहली खेप भेजी गई। यह कदम उत्तराखंड की उच्च गुणवत्ता वाली लीची को यूरोपीय बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे हिमालयी क्षेत्र के उत्कृष्ट कृषि उत्पादों को भी अंतरराष्ट्रीय मंच मिलेगा।
देहरादून लीची अपनी प्राकृतिक मिठास, आकर्षक लाल रंग, सुगंध और बेहतर गूदे की गुणवत्ता के लिए जानी जाती है। इस क्षेत्र में रोज सेंटेड, कलकत्तिया और बेदाना जैसी प्रमुख किस्मों का उत्पादन होता है, जिनकी देश और विदेश में अच्छी मांग है।
इस निर्यात पहल का लाभ किसानों को भी मिलने लगा है। जानकारी के अनुसार उत्पादकों को घरेलू बाजार की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत अधिक मूल्य प्राप्त हो रहा है। इससे गुणवत्ता आधारित उत्पादन और निर्यातोन्मुख बागवानी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
अधिकारियों का मानना है कि इटली को हुआ यह निर्यात भारतीय फलों के लिए नए बाजार विकसित करने की दिशा में अहम कदम है और इससे वैश्विक स्तर पर भारत की बागवानी उत्पादों के विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में पहचान और मजबूत होगी।















