नई दिल्ली, 29 जून।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक बार फिर विविध संस्कृतियों के महत्व को रेखांकित किया है। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर साझा किए संदेश में कहा कि विभिन्न संस्कृतियों का आदर करना ही वैश्विक स्तर पर आपसी भरोसे और सहयोग को नई ऊंचाई प्रदान करता है।
प्रधानमंत्री ने विस्तार से समझाते हुए कहा कि विविध परंपराओं के प्रति सम्मान ही दुनिया भर के लोगों के बीच भाईचारे के बंधन को और अधिक मजबूत बनाता है। यह आपसी समझ को बेहतर करने का सबसे सशक्त माध्यम है।
अपने संबोधन में उन्होंने एक विचारणीय बिंदु रखते हुए कहा कि जो व्यक्ति समय, देश, धर्म और समाज की मान्यताओं को भली-भांति जानता है, वही सही अर्थों में नेतृत्व का आधार बनाता है। ऐसे लोग साम, दाम, दंड और भेद के माध्यम से जनमानस के बीच अपनी पकड़ बनाकर शासन करने की कला रखते हैं।















