नई दिल्ली, 30 जून।
‘युवा संगम’ कार्यक्रम का चरण-6 सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की ओर से ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल के अंतर्गत आयोजित इस चरण का अंतिम दौरा 19 जून को मध्य प्रदेश से झारखंड तक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं के बीच राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और अनुभव आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करना है।
इस चरण की शुरुआत 8 मई को राजस्थान से कर्नाटक के दौरे के साथ हुई थी। 22 युग्मित राज्यों के 1.26 लाख से अधिक पंजीकृत विद्यार्थियों में से करीब 1,100 युवा प्रतिभागियों का चयन किया गया। इन प्रतिभागियों ने विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का भ्रमण कर वहां की संस्कृति, परंपराओं, शिक्षा व्यवस्था और विकास मॉडल को निकट से जाना।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों ने अपने मेजबान राज्यों के राज्यपालों से मुलाकात की, जबकि केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा करने वाले प्रतिभागियों ने उपराज्यपालों के साथ संवाद किया। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली पहुंचे छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली की मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की। इन संवादों के माध्यम से युवाओं को सुशासन, संवैधानिक मूल्यों, नेतृत्व और समावेशी विकास की जानकारी मिली।
देश के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों ने प्रतिनिधिमंडलों की मेजबानी की। इस दौरान प्रतिभागियों ने शैक्षणिक संवाद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, विरासत भ्रमण, नवाचार प्रदर्शनियों और सामुदायिक गतिविधियों में भाग लिया। साथ ही उन्होंने विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की परंपराओं, विकास मॉडल और उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों को भी समझा।
प्रतिभागियों ने विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों, ऐतिहासिक स्थलों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, संग्रहालयों और सांस्कृतिक केंद्रों का भ्रमण किया। इसके अलावा टी-हब जैसे नवाचार केंद्रों, उद्यमिता इकोसिस्टम, अनुसंधान संस्थानों, विकास परियोजनाओं तथा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का भी अवलोकन किया। उन्होंने यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों सहित कई राष्ट्रीय महत्व के विरासत स्थलों का दौरा कर भारत की सांस्कृतिक विरासत को करीब से जाना।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने कलमकारी, वारली चित्रकला, आदिवासी कला, मिट्टी के बर्तन और हस्तशिल्प जैसी पारंपरिक कलाओं का अनुभव प्राप्त किया। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण, स्वच्छ भारत अभियान, ग्राम भ्रमण और सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रमों में शामिल होकर युवाओं ने पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति अपनी भागीदारी भी निभाई।
छह सप्ताह से अधिक समय तक चले ‘युवा संगम’ चरण-6 ने प्रतिभागियों को भारत की विविध भाषाओं, संस्कृतियों, खान-पान, परंपराओं और विकास की उपलब्धियों को निकट से समझने का अवसर दिया। इस पहल ने युवाओं के बीच संवाद, सांस्कृतिक समझ और राष्ट्रीय एकता की भावना को और अधिक मजबूत किया।















