नई दिल्ली, 30 जून।
केंद्र सरकार ने भारतीय फिल्म उद्योग को वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने के लिए दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव की अध्यक्षता में कल हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में इन योजनाओं को अंतिम रूप दिया गया।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य फिल्म निर्माण की गुणवत्ता बढ़ाना, वितरण प्रणालियों में सुधार करना और सिनेमा क्षेत्र में नई तकनीकी को बढ़ावा देना है। सरकार का लक्ष्य है कि छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढांचे में निवेश बढ़ाया जाए ताकि भारतीय सिनेमा की पहुंच हर जगह हो सके।
सरकार ने प्रसार भारती के चेयरमैन प्रसून जोशी के नेतृत्व में एक विशेष अध्ययन समूह का गठन किया है। यह समूह फिल्म जगत की चुनौतियों और अवसरों का विश्लेषण करेगा और भारतीय फिल्मों को अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के अनुरूप बनाने के लिए सुझाव देगा।
इसके अतिरिक्त, मंत्रालय ने राज्यों के लिए 'मॉडल स्टेट सिनेमा रेगुलेशन' तैयार किया है। इसे सभी राज्य सरकारों के पास भेजा गया है ताकि वे इसे अपना सकें। यह कदम एक आधुनिक और प्रतिस्पर्धी सिनेमा इकोसिस्टम के निर्माण में सहायक साबित होगा।















