भोपाल, 07 जुलाई।
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में प्रदेश की मेडिकल सप्लाई चेन व्यवस्था की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में आवश्यकता के अनुरूप गुणवत्तायुक्त दवाओं की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने दवाओं की मांग, भंडारण, गुणवत्ता परीक्षण, वितरण और मरीज तक वास्तविक उपलब्धता की पूरी प्रक्रिया को प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने निर्देश दिए कि दवाओं की समय पर गुणवत्ता जांच कराई जाए और परीक्षण के बाद ही उनका वितरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सभी स्तरों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रहे तथा डिमांड और सप्लाई के बीच किसी प्रकार का अंतर पैदा न हो। उन्होंने कहा कि मरीजों को दवा वितरण की प्रक्रिया सरल हो और किसी भी स्तर पर अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक आधारित मेडिकल सप्लाई चेन व्यवस्था से दवाओं की उपलब्धता और वितरण की निरंतर निगरानी संभव होगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और प्रभावशीलता में भी सुधार आएगा।
आयुक्त स्वास्थ्य धनराजू एस ने प्रस्तावित कार्ययोजना की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालयों पर 10 वेयरहाउस स्थापित किए जाएंगे। इनमें दवाओं के सुरक्षित भंडारण के साथ हाई-एंड टेक्नोलॉजी की मदद से रियल टाइम ट्रैकिंग और स्टॉक की सतत निगरानी की जाएगी। इससे मेडिकल सप्लाई चेन का एंड-टू-एंड इंटीग्रेशन सुनिश्चित होगा और दवाओं की उपलब्धता, मांग तथा वितरण की जानकारी वास्तविक समय में प्राप्त हो सकेगी।
उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था क्षेत्रवार, केंद्रवार और स्वास्थ्य संस्था स्तर पर दवाओं की मांग का आकलन करने में भी सहायक होगी। इसके आधार पर आवश्यकता के अनुरूप बेहतर योजना बनाकर दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, जिससे मरीजों तक गुणवत्तायुक्त दवाएं समय पर पहुंच सकें।
मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा दवाओं की खरीदी की जाएगी। आपूर्तिकर्ता दवाओं को वेयरहाउस तक पहुंचाएंगे, जहां उनका सुरक्षित भंडारण और समय पर गुणवत्ता परीक्षण कराया जाएगा। एनएबीएल मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में जांच पूरी होने के बाद ही दवाओं का वितरण किया जाएगा।
गुणवत्ता परीक्षण के बाद दवाओं की आपूर्ति मेडिकल कॉलेजों, जिला चिकित्सालयों, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालयों के औषधि भंडार, सिविल अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक की जाएगी। अगले चरण में इस व्यवस्था का विस्तार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक किया जाएगा। साथ ही मरीजों को दवा वितरण की जानकारी भी रियल टाइम में दर्ज करने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। बैठक में मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक मयंक अग्रवाल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।















