भोपाल, 07 जुलाई।
साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे सेफ क्लिक अभियान 2.0 के तहत सोमवार को आरआईई, भोपाल में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में करीब 700 छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को ऑनलाइन ठगी से बचाव के विभिन्न उपायों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने कहा कि साइबर अपराधों से सुरक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम जागरूकता है। उन्होंने कहा कि यदि लोग सतर्क रहेंगे तो साइबर ठगी से खुद को सुरक्षित रख सकेंगे। इस दौरान विद्यार्थियों को डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग, विशिंग, स्मिशिंग, फर्जी निवेश, ऑनलाइन जॉब फ्रॉड, यूपीआई-क्यूआर कोड फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग और ओटीपी ठगी जैसे साइबर अपराधों के तरीकों से अवगत कराया गया।
उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ साइबर अपराधियों के तरीके भी लगातार बदल रहे हैं और उनसे मुकाबला करना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में लोगों का जागरूक होना बेहद जरूरी है। विद्यार्थियों को सलाह दी गई कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और बैंकिंग संबंधी जानकारी या ओटीपी किसी के साथ साझा करने से बचें। साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल 1930 हेल्पलाइन या साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील भी की गई।
संस्थान के डायरेक्टर प्रो. शिवकुमार गुप्ता ने भी विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से सावधानी बरतने और सुरक्षित रहने के उपाय बताए। कार्यक्रम में पुलिस उपायुक्त आयुष गुप्ता, एडीसीपी शालिनी दीक्षित, एसीपी राकेश बघेल, अनिल बाजपेई, चंद्रशेखर पांडे, संतोष पटेल तथा थाना प्रभारी नीलम पटवा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर सभी छात्र-छात्राओं ने सुरक्षित और जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने का संकल्प लिया।















