लंदन, 07 जुलाई।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल को लेकर बैंक ऑफ इंग्लैंड ने वित्तीय स्थिरता पर संभावित खतरे की चेतावनी दी है। बैंक का कहना है कि एआई तकनीक में बढ़ता निवेश और इससे जुड़े जोखिम आने वाले समय में वैश्विक वित्तीय व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकते हैं।
बैंक ऑफ इंग्लैंड के अनुसार, यदि एआई को लेकर बाजार में बनी उम्मीदें पूरी नहीं होती हैं तो निवेशकों का भरोसा कमजोर हो सकता है। इसका असर शेयर बाजार पर पड़ सकता है और बाजार में गिरावट के साथ उतार-चढ़ाव बढ़ने की आशंका भी पैदा हो सकती है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई क्षेत्र में सफलता के लिए तकनीक का व्यापक उपयोग, मजबूत डिजिटल ढांचा और पर्याप्त वित्तीय सहयोग जरूरी है। इसके साथ ही इस क्षेत्र में होने वाले जोखिमों को नियंत्रित करना भी महत्वपूर्ण होगा।
बैंक ने यह भी आशंका जताई है कि एआई के बढ़ते उपयोग से बैंकों और वित्तीय संस्थानों पर साइबर हमलों का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में वित्तीय संस्थानों को अपनी सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी क्षमता को लगातार मजबूत करने की जरूरत होगी।
दुनियाभर के वित्तीय नियामक अब एआई से जुड़े साइबर सुरक्षा और संचालन संबंधी खतरों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। खासतौर पर उन एआई प्रणालियों को लेकर चिंता बढ़ रही है, जो कम मानवीय हस्तक्षेप के साथ निर्णय लेने में सक्षम हैं।
रिपोर्ट में वित्तीय संस्थानों को सलाह दी गई है कि वे एआई के दौर में आने वाले तकनीकी बदलावों और सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए बेहतर तैयारी करें, ताकि वित्तीय व्यवस्था को सुरक्षित और स्थिर बनाए रखा जा सके।















