उज्बेकिस्तान, 13 जुलाई।
उज्बेकिस्तान में केरल की 21 वर्षीय मेडिकल छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। छात्रा के साथ बर्बरता और हत्या के आरोपों ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है।
इस पूरे मामले पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने छात्रा के साथ हुई मारपीट, उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण की कोशिशों के आरोपों पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
महिला आयोग ने केरल के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर तत्काल जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने विदेश मंत्रालय और ताशकंद में स्थित भारतीय दूतावास के साथ तालमेल बिठाकर काम करने को कहा है।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि साक्ष्य सुरक्षित रखने के साथ ही पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता मुहैया कराई जाए। केरल पुलिस को सात दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है।
साथ ही, उज्बेकिस्तान में तैनात भारतीय राजदूत से भी आग्रह किया गया है कि वे स्थानीय प्रशासन से समन्वय स्थापित करें। इसका उद्देश्य कानूनी प्रक्रिया को सरल बनाना और मामले में प्रभावी सहयोग सुनिश्चित करना है।















