मनामा, 13 जुलाई।
होर्मुज जलडमरूमध्य में छिड़े वर्चस्व के विवाद ने पश्चिम एशिया में स्थिति को अत्यंत गंभीर बना दिया है। ईरान ने अमेरिका द्वारा किए गए ताजा हमलों का जवाब बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करके दिया है।
बहरीन के आसमान में खतरे के सायरन बजने शुरू हो गए हैं। वहां के गृह मंत्रालय ने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। यह चेतावनी लगातार दूसरे दिन जारी की गई है।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका के सहयोगी देशों में मौजूद ठिकानों पर हमला किया गया है। बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर भी निशाना साधा गया, जहां हेलीकॉप्टर रखरखाव और पी-8 पोसीडॉन विमानों के हैंगर मौजूद हैं। हालांकि, बहरीन सरकार को अभी तक किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
अमेरिकी सेंटकॉम ने बताया कि उन्होंने सटीक हथियारों का उपयोग कर दर्जनों ईरानी सैन्य ठिकानों को ध्वस्त किया है। इनमें रडार साइट्स, मिसाइल क्षमता और छोटी नावें शामिल हैं। एक दिन पूर्व अमेरिका ने ईरान के 140 ठिकानों पर कार्रवाई की थी।
जवाबी कार्रवाई में ईरान ने कुवैत, ओमान, कतर और जॉर्डन के साथ बहरीन को भी घेरा है। वहीं, ईरान के बंदरगाह शहरों जैसे बंदर अब्बास और केशम द्वीप पर भी जोरदार धमाके हुए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि जलमार्ग खुला है, लेकिन ईरानी प्राधिकरण का मानना है कि शांति बहाली तक आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। इस संघर्ष में अब तक हुए नुकसान के बीच माहशहर में एक नागरिक की मौत की पुष्टि हुई है और चार लोग घायल बताए जा रहे हैं।















