नागौर, 13 जुलाई।
शहर के डेह रोड स्थित गोरखनाथ मंदिर के निकट रविवार देर रात एक फोम फैक्ट्री में लगी भीषण आग ने भारी तबाही मचाई है। सोफा और गद्दा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली ज्वलनशील सामग्रियों की मौजूदगी के कारण आग पल भर में ही विकराल हो गई, जिससे देखते ही देखते लाखों का कच्चा और तैयार माल स्वाहा हो गया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल अमला हरकत में आया, लेकिन पानी खत्म होने के कारण बचाव कार्य में काफी मशक्कत करनी पड़ी। दमकलकर्मियों को करीब दो घंटे के संघर्ष के बाद आग पर पूर्ण नियंत्रण पाने में कामयाबी मिली।
फैक्ट्री संचालक ने इस हादसे में करीब 60 लाख रुपए का आर्थिक नुकसान होने का अनुमान जताया है। घटना के बाद जब कोतवाली थाना पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली, तो एक संदिग्ध युवक की मौजूदगी ने मामले को और उलझा दिया है। वीडियो फुटेज में शॉल ओढ़े एक युवक को फैक्ट्री की ओर जाते और उसके तुरंत बाद आग की लपटें उठते हुए देखा गया है। इसके बाद वह युवक उसी रास्ते से तेजी से लौटता भी दिखाई दे रहा है।
स्थानीय निवासियों और फैक्ट्री प्रबंधन का आरोप है कि युवक के हाथ में कोई ज्वलनशील पदार्थ था, जिसे फेंककर जानबूझकर आग लगाई गई है। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस ने फुटेज को साक्ष्य के तौर पर सुरक्षित रख लिया है और संदिग्ध युवक की पहचान सुनिश्चित करने के लिए जांच का दायरा बढ़ा दिया है। इस मामले में शॉर्ट सर्किट की आशंका के अलावा अब आगजनी की साजिश के कोण से भी गहन पड़ताल की जा रही है।















