श्रीनगर, 13 जुलाई।
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि भाजपा 1931 के शहीदों के मसले को जानबूझकर सांप्रदायिक मुद्दा बना रही है। महबूबा ने इन शहीदों को तानाशाही के विरुद्ध लड़ने वाले नायक बताया है।
पीडीपी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने 1931 में प्राण न्योछावर करने वाले 22 प्रदर्शनकारियों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने शिकायत की कि प्रशासन ने नक्शबंद साहिब के कब्रिस्तान के पास भारी प्रतिबंध लगाकर लोगों को वहां जाने से रोका।
महबूबा ने कहा कि तत्कालीन निरंकुश शासन के अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाने वाले इन लोगों की तुलना देश के अन्य महान क्रांतिकारियों जैसे भगत सिंह और अशफाकुल्ला खान से की जानी चाहिए। उन्होंने भाजपा की नीतियों को 'ज्यादती' करार दिया।
उन्होंने दावा किया कि उन्हें नजरबंद किया गया और इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया। पार्टी अध्यक्ष का कहना है कि सरकार चाहकर भी लोगों के मन को नियंत्रित नहीं कर सकती। उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने भी इतिहास को मिटाने की कोशिशों को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है।














