लखनऊ, 13 जुलाई।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज केजीएमयू के दीक्षांत समारोह में शिरकत करते हुए कहा कि भारत मेडिकल रिसर्च के क्षेत्र में तेजी से नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने देश के स्वास्थ्य तंत्र को आत्मनिर्भर, सुलभ और आधुनिक बनाने की दिशा में सरकार के प्रयासों की सराहना की।
मंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत में आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं ने स्वास्थ्य सेवाओं का परिदृश्य बदल दिया है। पहले गंभीर बीमारियों के इलाज में लोगों की कमर टूट जाती थी, लेकिन अब सरकार इलाज को किफायती और सुलभ बना रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश अब वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों का स्वदेशी समाधान ढूंढ रहा है।
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में मेडिकल कॉलेज की संख्या 17 से बढ़कर 81 हो गई है। प्रदेश अब 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज' के लक्ष्य से भी आगे बढ़ चुका है। सरकार का मुख्य ध्यान अब बीमारियों के उपचार के साथ-साथ उनकी रोकथाम पर भी केंद्रित है।
राजनाथ सिंह ने चिकित्सकों से अंगदान के प्रति समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर समाज में भगवान के समान होते हैं और उनकी संवेदनशील सलाह किसी के जीवन को बचा सकती है। अंत में उन्होंने केजीएमयू की गौरवशाली परंपरा और वहां से निकले मेधावी चिकित्सकों की सेवाओं का उल्लेख किया।















