मध्य प्रदेश कांग्रेस ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित किए जाने पर सवाल उठाते हुए इसे किसानों के साथ छलावा और प्रचार आधारित पहल बताया। सोमवार को भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित संयुक्त पत्रकार वार्ता में पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल और पूर्व प्रवक्ता राहुल राज ने आरोप लगाया कि प्रदेश के किसान खरीदी संकट, फसल बीमा, खाद की कमी, बाजार में कम कीमत, भ्रष्टाचार और बढ़ते कर्ज जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं, जबकि सरकार वास्तविक समाधान के बजाय प्रचार पर अधिक ध्यान दे रही है। इस अवसर पर कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, स्वदेश शर्मा, अभिनव बरोलिया और कुंदन पंजाबी भी मौजूद रहे।
शैलेंद्र पटेल ने आरोप लगाया कि प्रदेश में मूंग का उत्पादन अधिक होने के बावजूद सरकार ने केवल 4.54 लाख मीट्रिक टन खरीदी को मंजूरी दी है। उनका कहना था कि प्रति हेक्टेयर खरीदी सीमा तीन क्विंटल किए जाने से किसानों को अपनी अधिकांश उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम दर पर बेचनी पड़ रही है। उन्होंने गेहूं और धान खरीदी को लेकर भी सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उनके अनुसार भाजपा ने संकल्प पत्र में गेहूं पर 2,700 रुपये प्रति क्विंटल भुगतान का वादा किया था, लेकिन किसानों को केवल 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया गया। वहीं धान खरीदी में भी मध्य प्रदेश के किसानों को अन्य राज्यों की तुलना में कम लाभ मिलने का दावा किया। कांग्रेस नेताओं ने सोयाबीन की कम कीमत, भावांतर योजना में सीमित पंजीयन अवधि, सर्वर संबंधी दिक्कतों तथा खाद की कमी और कालाबाजारी के मुद्दे भी उठाए। उनका आरोप था कि इन कारणों से बड़ी संख्या में किसान सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले सके।
पूर्व प्रवक्ता राहुल राज ने कहा कि कांग्रेस ने विधानसभा में सरकार की ओर से दिए गए उत्तरों, आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ की एफआईआर, केंद्रीय मंत्रालयों के दस्तावेजों और अन्य आधिकारिक अभिलेखों के आधार पर कृषक कल्याण वर्ष 2026 आरोप-पत्र तैयार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने समर्थन मूल्य पर धान और गेहूं की विकेंद्रीकृत खरीदी व्यवस्था को कमजोर किया, जिससे किसानों को कठिन गुणवत्ता मानकों और कम कीमतों का सामना करना पड़ा। उन्होंने उपार्जन, भंडारण और परिवहन में अनियमितताओं, गेहूं गायब होने, धान खरीदी में कथित गड़बड़ियों और फसल बीमा से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए।
राहुल राज ने बुरहानपुर में हाल की बारिश और आंधी से केले की फसल को हुए नुकसान का उल्लेख करते हुए मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू करने और प्रभावित किसानों के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग की। उन्होंने सरकारी भंडारण व्यवस्था और फसल बीमा से जुड़े मामलों में भी अनियमितताओं का आरोप लगाया। कांग्रेस का कहना है कि प्रदेश में किसानों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं और सरकार को घोषणाओं के बजाय ठोस कदम उठाने चाहिए।
कांग्रेस ने मांग की है कि मूंग की खरीदी पर 25 प्रतिशत की सीमा हटाकर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 100 प्रतिशत खरीदी की जाए। इसके साथ ही गेहूं, धान और सोयाबीन पर संकल्प पत्र के अनुरूप अतिरिक्त बोनस दिया जाए। केला उत्पादकों के लिए मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू कर विशेष राहत पैकेज घोषित किया जाए। खाद की बढ़ी हुई कीमतें वापस लेने, कालाबाजारी पर रोक लगाने, फसल बीमा में पटवारी हल्का के बजाय खेत को इकाई बनाने तथा उपार्जन और बीमा से जुड़े कथित घोटालों की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराने की भी मांग की गई।















