भोपाल, 13 जुलाई।
राजधानी भोपाल में एमबीए विद्यार्थियों के नाम पर फर्जी बैंक खाते खोलकर करीब 99 लाख रुपये की छात्रवृत्ति राशि के कथित गबन के मामले में सीबीआई ने जांच तेज कर दी है। पिछले माह मामला दर्ज होने के बाद जांच एजेंसी अब आरोपितों से पूछताछ की तैयारी कर रही है।
मामले में यूको बैंक की हबीबगंज शाखा की तत्कालीन वरिष्ठ प्रबंधक प्रेमा वर्मा सहित एकेडमी ऑफ मैनेजमेंट, भोपाल से जुड़े विनय मल्होत्रा, आदित्य मल्होत्रा, मनोज जैन, राम सिंह वर्मा और विनेश मेश्राम को आरोपी बनाया गया है। यूको बैंक भोपाल के डीजीएम एवं जोनल हेड लोकेश कुमार की शिकायत पर सीबीआई ने मार्च में प्रारंभिक जांच शुरू की थी, जिसके बाद एफआईआर दर्ज की गई।
जांच में सामने आया है कि एक जनवरी 2020 से 31 अक्टूबर 2021 के बीच एमबीए के 118 विद्यार्थियों की जानकारी और सहमति के बिना उनके नाम पर यूको बैंक की हबीबगंज शाखा में बचत खाते खोले गए। इन खातों में शासन की ओर से जारी छात्रवृत्ति की राशि जमा कराई गई और बाद में कथित रूप से धोखाधड़ी कर निकाल ली गई। मामले में करीब 99 लाख रुपये के गबन का आरोप है।
सीबीआई के अनुसार, आरोपितों ने फर्जी दस्तावेजों और जाली हस्ताक्षरों के आधार पर बैंक खाते खुलवाए। खातों में अपने मोबाइल नंबर लिंक कराए, एटीएम कार्ड प्राप्त किए और छात्रवृत्ति की राशि निकाल ली। जांच में यह भी सामने आया कि बैंक स्तर पर अनिवार्य केवाईसी सत्यापन प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया, जिससे कथित धोखाधड़ी संभव हो सकी।
सीबीआई अब पूरे मामले में अन्य संभावित आरोपितों की भूमिका की भी जांच कर रही है।















