तेहरान, 13 जुलाई।
होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ा तनाव अब पूर्ण युद्ध जैसी स्थिति में बदल गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के दर्जनों सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ बमबारी करते हुए भारी तबाही मचाई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर चलाए गए इस सैन्य अभियान का उद्देश्य ईरान की सैन्य और मिसाइल क्षमताओं को पूरी तरह नेस्तनाबूद करना है।
अमेरिकी मध्य कमान (सेंटकॉम) ने पुष्टि की है कि फाइटर जेट्स और ड्रोन हमलों के जरिए ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार साइटों और नौसैनिक नावों को निशाना बनाया गया। पिछले 24 घंटों में अमेरिका ने लगभग 140 ठिकानों पर हमला किया है। जवाब में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने भी पलटवार करते हुए कुवैत और बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं।
ईरान के खुजेस्तान प्रांत में मिसाइल गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई घायल हुए हैं। बंदर अब्बास और केशम द्वीप पर भी भीषण धमाके सुने गए हैं। आईआरजीसी का दावा है कि उन्होंने अहमद अल जाबेर और अली अल सलेम स्थित अमेरिकी अड्डों के ईंधन टैंकों और वायु रक्षा प्रणालियों को नष्ट कर दिया है।
क्षेत्रीय देशों में अफरा-तफरी का माहौल है। बहरीन और कुवैत में सुरक्षा सायरन बजने से लोग सहम गए हैं। जॉर्डन की सेना ने अपने हवाई क्षेत्र में घुसने वाली चार मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया है। पूरे पश्चिम एशिया में सैन्य हलचल बढ़ गई है और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की चेतावनी दी गई है।















