जयपुर, 13 जुलाई।
राजस्थान में परिवहन व्यवस्था के खिलाफ ट्रांसपोर्टरों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। नए नियमों, वीएलटीडी की अनिवार्यता और ई-डिटेक्शन के माध्यम से काटे जा रहे चालानों के विरोध में प्रदेश के करीब 10 हजार ट्रकों के पहिए रविवार आधी रात से पूरी तरह थम गए हैं। राजस्थान ट्रक ट्रांसपोर्ट संघर्ष समिति के बैनर तले शुरू हुई इस अनिश्चितकालीन हड़ताल से माल ढुलाई का काम पूरी तरह ठप हो गया है।
आंदोलन को जयपुर सहित पूरे प्रदेश के प्रमुख संगठनों का समर्थन प्राप्त है, जिनमें लॉजिस्टिक्स एंड ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स एसोसिएशन, विश्वकर्मा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन और परचून ट्रांसपोर्ट यूनियन जैसे कई बड़े नाम शामिल हैं। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि सरकार ने बिना कोई उचित व्यवस्था किए नए नियम थोप दिए हैं। वीएलटीडी की कमी के कारण गाड़ियों का फिटनेस और परमिट का काम बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
ट्रांसपोर्टरों के अनुसार, वर्तमान टैक्स और परमिट नीति पूरी तरह अव्यावहारिक है। लंबी दूरी के वाहनों को हर राज्य में भारी टैक्स देना पड़ता है, जिससे कई बार टैक्स की रकम मालभाड़े के बराबर हो जाती है। इसके अलावा प्रदेश के हर जिले में फिटनेस सेंटर की सुविधा न होना भी एक बड़ी समस्या है। यदि सरकार के साथ जल्द कोई समाधान नहीं निकलता है, तो राज्य में सीमेंट, स्टील और आवश्यक किराना वस्तुओं की भारी किल्लत हो सकती है।















