शिमला, 13 जुलाई।
राजधानी शिमला में नगर निगम द्वारा अवैध तहबाजारियों के खिलाफ जारी अभियान के विरोध में सोमवार को भारी आक्रोश देखने को मिला। सीटू के नेतृत्व में बड़ी संख्या में तहबाजारियों ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन कर निगम प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नौ दिनों से काम बंद होने के कारण उनके सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है।
निगम की टीमें पिछले कुछ दिनों से लक्कड़ बाजार, लोअर बाजार और मॉल रोड के आसपास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रही हैं। यूनियन अध्यक्ष पवन शर्मा ने आरोप लगाया कि निगम की टीमें बिना किसी पूर्व सूचना के मौके पर पहुंच रही हैं और गरीबों का सामान जब्त कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अवैध कब्जे के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन उन्हें काम करने के लिए उचित स्थान चाहिए।
यूनियन के उपाध्यक्ष ओम प्रकाश ने वैकल्पिक व्यवस्था की मांग दोहराते हुए सुझाव दिया कि प्रशासन उन्हें सब्जी मंडी के नए कॉम्प्लेक्स या पुरानी तिब्बती मार्केट में जगह दे तो वे वहां जाने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई केवल स्थानीय कार्डधारी लोगों पर की जा रही है, जबकि बाहरी लोगों को अनदेखा किया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई और रोजगार के लिए जगह नहीं दी गई, तो वे अपने आंदोलन को और उग्र करेंगे। वर्तमान में प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संचालित हो रहा है, लेकिन प्रशासन के रुख को देखते हुए यूनियन ने कड़े तेवर अपना लिए हैं।














