नई दिल्ली, 13 जुलाई।
दिल्ली के सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों के पुनर्गठन, तकनीकी शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर गजेटेड ऑफिसर्स फोरम फॉर टेक्निकल एजुकेशन, दिल्ली ने आंदोलन की घोषणा की है। संगठन ने इस संबंध में प्रशासन से शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकालने की अनुमति मांगी है।
फोरम की ओर से उत्तर दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों, तकनीकी शिक्षा और कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों के समाधान की मांग को लेकर शांतिपूर्ण पैदल मार्च आयोजित किया जाएगा। प्रस्तावित मार्च दिल्ली हाट, पीतमपुरा से शुरू होकर प्रशिक्षण एवं तकनीकी शिक्षा निदेशालय (डीटीटीई) मुख्यालय तक जाएगा। इसमें करीब 100 लोगों के शामिल होने की संभावना जताई गई है।
संगठन ने प्रशासन को भरोसा दिलाया है कि कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया जाएगा। साथ ही कानून-व्यवस्था, यातायात और सुरक्षा से संबंधित सभी निर्देशों का पालन किया जाएगा।
फोरम द्वारा जारी पोस्टरों में दिल्ली के सभी सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों को दोबारा डीटीटीई के अधीन लाने, संस्थानों की गुणवत्ता में सुधार करने और तकनीकी शिक्षा के कथित व्यावसायीकरण पर रोक लगाने की मांग की गई है। पोस्टरों में "तकनीकी शिक्षा बचाओ, विद्यार्थियों का भविष्य बचाओ" और "शिक्षा सेवा है, व्यापार नहीं" जैसे नारे भी शामिल हैं।
फोरम का आरोप है कि वर्तमान व्यवस्था के कारण तकनीकी शिक्षा संस्थानों की कार्यप्रणाली प्रभावित हुई है, जिससे छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने सरकार से तकनीकी शिक्षा से जुड़े लंबित मुद्दों के समाधान और सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
फोरम ने कहा कि उसका उद्देश्य तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखना, विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करना और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान की दिशा में सरकार का ध्यान आकर्षित करना है।














