नई दिल्ली, 14 जुलाई।
कड़कड़डूमा कोर्ट साल 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की निर्मम हत्या के मामले में अपना फैसला सुना चुका है। अब अदालत ने दोषी करार दिए गए ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों की सजा की अवधि तय करने के लिए 23 जुलाई की तारीख मुकर्रर की है। एडिशनल सेशंस जज प्रवीण सिंह ने यह आदेश जारी किया है।
कोर्ट ने 13 जुलाई को मामले की सुनवाई करते हुए पांच लोगों को दोषी ठहराया, जबकि छह अन्य आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। दोषियों में ताहिर हुसैन के अलावा नाजिम, कासिम, अनस और जावेद का नाम शामिल है।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 3 जून 2020 को इस हत्याकांड को लेकर चार्जशीट दायर की थी। आरोप है कि ताहिर हुसैन ने 24 और 25 फरवरी 2020 को अपने घर और चांदबाग पुलिया के पास की मस्जिद से दंगाई भीड़ का नेतृत्व किया था।
चार्जशीट के अनुसार, अंकित शर्मा को एक सोची-समझी साजिश के तहत टारगेट किया गया। खजूरी खास इलाके में ताहिर हुसैन के घर के बाहर वारदात को अंजाम देने के बाद शव को नाले में फेंक दिया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर धारदार हथियारों के 51 घाव पाए गए थे।
पुलिस ने अपनी जांच में ताहिर हुसैन को इस पूरे हत्याकांड का मास्टरमाइंड बताया है। उसके घर की छत से हिंसा में इस्तेमाल किए गए कई घातक सामान भी बरामद हुए थे। ताहिर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा में 53 लोगों की जान गई थी।















