हैदराबाद, 14 जुलाई।
वियतनाम में हुए नौका हादसे में जान गंवाने वाले आंध्र प्रदेश के तीन लोगों के पार्थिव शरीर मंगलवार सुबह हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के कार्गो टर्मिनल पहुंचाए गए। राज्य के मंत्री कोंडापल्ली श्रीनिवास ने पार्थिव शरीर प्राप्त कर शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात की, उन्हें सांत्वना दी और पार्थिव शरीरों को सम्मानपूर्वक उनके गृह नगरों तक पहुंचाने की व्यवस्था का निरीक्षण किया।
मृतकों की पहचान कडपा निवासी मुडियम श्रीधर, मछलीपट्टनम निवासी गेल्ली जयलक्ष्मी और हिंदुपुर निवासी रवि तेजा के रूप में हुई है। इससे पहले सोमवार रात तीनों के पार्थिव शरीर विशेष विमान से मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे लाए गए थे। वहां चिकित्सा, सीमा शुल्क, आप्रवासन और कार्गो क्लीयरेंस सहित सभी आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मंगलवार सुबह इंडिगो एयरलाइंस की उड़ान से उन्हें हैदराबाद भेजा गया।
हवाई अड्डे पर मंत्री कोंडापल्ली श्रीनिवास ने शोकग्रस्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पार्थिव शरीरों को सम्मानजनक और शीघ्र तरीके से उनके पैतृक स्थानों तक पहुंचाया जाए। इसके लिए आंध्र प्रदेश सरकार ने हैदराबाद से संबंधित जिलों तक निशुल्क एम्बुलेंस सेवा की भी व्यवस्था की है।
आंध्र प्रदेश सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय, वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास, आंध्र प्रदेश भवन और अन्य संबंधित एजेंसियों के समन्वय से पार्थिव शरीरों को भारत लाने और उनके गृह राज्यों तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई।
उल्लेखनीय है कि एक मोबाइल फोन कंपनी ने अपने वितरकों और उनके परिवारों के लिए वियतनाम में पर्यटन एवं व्यावसायिक यात्रा आयोजित की थी। इसी दौरान फु क्वोक द्वीप के निकट पर्यटकों को लेकर जा रही एक नौका शनिवार को दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे के समय नौका में 32 लोग सवार थे, जिनमें से 15 भारतीयों की मौत हो गई। मृतकों में तमिलनाडु के 10, आंध्र प्रदेश के तीन और केरल के दो लोग शामिल हैं।
इस दुर्घटना में मछलीपट्टनम निवासी मृतका गेल्ली जयलक्ष्मी के पति गेल्ली किशोर भी घायल हुए थे। उनका वर्तमान में वियतनाम के एक अस्पताल में उपचार चल रहा है।














