प्रयागराज, 14 जुलाई।
प्रयागराज के ग्रामीण अंचलों में पशुपालन को बढ़ावा देने और मवेशियों को समय पर बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए योगी सरकार ने बड़ी पहल की है। जनपद में सात नए अत्याधुनिक पशु चिकित्सालय बनकर तैयार हो गए हैं, जिससे किसानों और पशुपालकों को अब इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. शिवनाथ यादव ने बताया कि इन अस्पतालों के निर्माण से स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा काफी विस्तृत हो जाएगा।
इन चिकित्सालयों का निर्माण सहसों, श्रृंगवेरपुर, बरौत, हंडिया, धनुपुर, शुकुलपुर और लालापुर में किया गया है। हर एक अस्पताल के निर्माण पर सरकार ने 69.11 लाख रुपये की धनराशि खर्च की है। श्रम विकास सहकारी संघ को इनका निर्माण कार्य सौंपा गया था, जिसे करीब डेढ़ वर्ष की कड़ी मेहनत के बाद पूरा कर लिया गया है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, बरौत, हंडिया, धनुपुर, शुकुलपुर और लालापुर स्थित अस्पताल पशुपालन विभाग को सौंपे जा चुके हैं। वहीं, लाल गोपालगंज (श्रृंगवेरपुर) और सहसों के भवनों की तकनीकी जांच का काम पीडब्ल्यूडी और आरएसएफ द्वारा किया जा रहा है। जांच प्रक्रिया पूरी होते ही ये भवन भी विभाग को सुपुर्द कर दिए जाएंगे और वहां नियमित पशु चिकित्सा सेवाएं आरंभ कर दी जाएंगी।
इन केंद्रों के शुरू होने से न केवल पशुओं का उपचार आसान होगा, बल्कि टीकाकरण और स्वास्थ्य संबंधी अन्य सुविधाएं भी पशुपालकों के द्वार तक पहुंचेंगी। इससे पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित होने के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी, जिसका सीधा लाभ किसानों की आय बढ़ने के रूप में देखने को मिलेगा। सरकार बुनियादी ढांचे को मजबूत कर खेती-किसानी के साथ पशुधन को भी विकास का आधार बना रही है।















