नई दिल्ली, 14 जुलाई।
राजधानी स्थित ऐतिहासिक जयपुर पोलो ग्राउंड को खाली कराने के केंद्र सरकार के फैसले पर चल रही कानूनी लड़ाई में एक नया मोड़ आया है। दिल्ली उच्च न्यायालय में वकीलों की हड़ताल के चलते इस मामले की सुनवाई टाल दी गई है। न्यायमूर्ति हरीश वैद्यनाथन की खंडपीठ ने अब अगली तारीख 12 अगस्त निर्धारित की है।
इससे पूर्व सुनवाई के दौरान इंडियन पोलो एसोसिएशन और केंद्र सरकार के वकीलों के बीच तीखी बहस देखने को मिली थी। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि सरकार ग्राउंड की खुदाई कर रही है, जिससे पोलो के मैदान को नुकसान पहुंच रहा है।
सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए अधिवक्ता ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वहां कोई तोड़फोड़ नहीं हो रही है, बल्कि केवल जमीन का सीमांकन किया जा रहा है। सरकार ने पहले भी कोर्ट में आश्वासन दिया था कि टर्फ से कोई छेड़छाड़ नहीं होगी।
अदालत ने याचिकाकर्ता को ट्रायल कोर्ट द्वारा इस मामले में दिए गए अंतिम आदेश की प्रति रिकॉर्ड पर लाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि जब निचली अदालत का आदेश आ चुका है, तो उसे चुनौती देना आवश्यक है।
पोलो एसोसिएशन का कहना है कि वे इस मैदान को बचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उनकी मांग है कि किसी भी प्रकार के ध्वस्तीकरण या खुदाई के कार्य पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए। अब सबकी निगाहें अगस्त में होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं।















