वाशिंगटन, 14 जुलाई।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने लगातार तीसरी रात ईरान के कई ठिकानों पर जोरदार हमले किए हैं। इन हमलों में ईरान की कोस्टल डिफेंस, मिसाइल साइट्स और ड्रोन ठिकानों को निशाना बनाया गया है। पेंटागन के अनुसार, इन कार्रवाई का मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य में निर्दोष नागरिकों और व्यावसायिक शिपिंग की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
इस हमले के जवाब में ईरान ने भी आक्रामक रुख अपनाया है। ईरान ने बहरीन, जॉर्डन और यूएई से जुड़े दो टैंकरों को निशाना बनाया। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई है और कई अन्य घायल हुए हैं। उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नतांज़ के पास स्थित एक गुप्त परमाणु साइट को नष्ट करने की सीधी धमकी दी है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बड़ा फैसला लेते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी जहाजों की आवाजाही पर पूर्ण नाकेबंदी लगा दी है। इसके साथ ही, वहां से गुजरने वाले कार्गो पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा भी की गई है। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि यह पाबंदी केवल ईरानी जहाजों पर लागू होगी और अन्य देशों के लिए समुद्री मार्ग खुला रहेगा।
ईरान ने अमेरिका के इस कदम को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान का कहना है कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन में किसी बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेंगे। ईरानी सैन्य प्रवक्ता ने चेतावनी दी है कि जो भी क्षेत्रीय देश अमेरिका की मदद करेगा, उसे ईरान के खिलाफ युद्ध का समर्थन माना जाएगा।















