मीरजापुर, 14 जुलाई।
पड़री थाना क्षेत्र के लोकापुर गांव निवासी एक मजदूर के नाम पर कथित रूप से बैंक खाता खोलकर 41 करोड़ रुपये का लेनदेन किए जाने का मामला सामने आया है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। आयकर विभाग से करोड़ों रुपये के लेनदेन और करीब सात करोड़ रुपये के कर भुगतान का नोटिस मिलने के बाद पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक सहित जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
लोकापुर निवासी श्याम बाबू बिंद ने आरोप लगाया कि वर्ष 2021 में उनका साला नौकरी दिलाने का झांसा देकर उन्हें गाजियाबाद और बाद में दिल्ली ले गया। वहां उनके आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेजों का उपयोग कर उनके नाम से बैंक खाता खुलवाया गया। उनका आरोप है कि खाता खुलने के बाद पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड अपने पास रख लिए गए तथा खाते में अपना मोबाइल नंबर दर्ज करा दिया गया। नौकरी नहीं मिलने पर वह वापस गांव लौट आए, लेकिन उनके दस्तावेज उन्हें वापस नहीं मिले।
पीड़ित के अनुसार करीब तीन वर्ष बाद उन्हें आयकर विभाग की ओर से नोटिस मिला। शुरुआत में नोटिस में 21 करोड़ रुपये के लेनदेन का उल्लेख था, लेकिन बाद में ऑनलाइन विवरण में यह राशि बढ़कर 41 करोड़ रुपये दिखाई गई। इसके साथ ही करीब सात करोड़ रुपये कर जमा करने का नोटिस भी जारी किया गया।
नोटिस मिलने के बाद श्याम बाबू अपने अधिवक्ता के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर आरोपित के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
पड़री थाना प्रभारी प्रदीप सिंह ने मंगलवार को बताया कि मामले की जानकारी प्राप्त हुई है। पीड़ित से संबंधित तथ्यों को एकत्र कर जांच की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।















