वाराणसी, 14 जुलाई।
मानसून की पहली बौछारों ने वाराणसी-भदोही राष्ट्रीय राजमार्ग की बदहाली की पोल खोल दी है। लोहता से लेकर जंसा और कपसेठी तक की सड़क महज दो साल के भीतर ही जगह-जगह गड्ढों में तब्दील हो गई है। सड़क पर उभरे इन गड्ढों के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं और राहगीरों के लिए यात्रा करना जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन इस ओर पूरी तरह से लापरवाह बना हुआ है।
यह राजमार्ग कपसेठी, नेवादा, सिरिहिरा, गजेपुर, मटुका, नोनखरा, गोराई, बड़ौरा, जंसा और कुरौना जैसे दर्जनों गांवों की लाइफलाइन है। शहर से रोजी-रोजगार के लिए रोजाना सैकड़ों लोग इसी रास्ते का उपयोग करते हैं, लेकिन अब यहां की स्थिति नारकीय हो चुकी है। बारिश का पानी गड्ढों में जमा होने से वाहन चालकों को रास्ता समझ नहीं आता, जिससे वे हर पल दुर्घटना के शिकार हो सकते हैं।
किसान नेता रामदुलार के अनुसार, दुपहिया वाहन चालक अपनी जान बचाते हुए किसी तरह निकल जाते हैं, लेकिन भारी वाहनों के अचानक ब्रेक लेने से स्थिति और भी भयावह हो जाती है। हाल ही में एक ई-रिक्शा पलटने की घटना ने क्षेत्रवासियों को दहशत में डाल दिया है। स्थानीय दुकानदार राहुल भी अपनी दुकान के सामने बने इन गड्ढों से बेहद परेशान हैं। उन्होंने मांग की है कि राजमार्ग की मरम्मत तत्काल की जाए ताकि किसी बड़ी अनहोनी को रोका जा सके।
क्षेत्र के लोगों में सड़क की दुर्दशा को लेकर भारी आक्रोश है। जंसा और आसपास के इलाकों में रहने वाली बड़ी आबादी का यही एकमात्र मुख्य मार्ग है। यदि शीघ्र ही इन गड्ढों को नहीं भरा गया तो यातायात पूरी तरह ठप हो सकता है और सड़क हादसों का ग्राफ और तेजी से बढ़ सकता है। ग्रामीण अब अपनी शिकायतों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाकर जल्द राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं।















