काठमांडू, 14 जुलाई।
नेपाल के मीडिया जगत में उस समय हड़कंप मच गया जब प्रमुख संस्थानों के बाहर संदिग्ध वाहनों की मौजूदगी देखी गई। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (आरएसपी) ने इस घटना पर गहरी चिंता जताते हुए इसे प्रेस पर मनोवैज्ञानिक दबाव डालने की कोशिश करार दिया है।
आरएसपी के महासचिव बिपिन कुमार आचार्य ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया है। उन्होंने कहा कि मीडिया संस्थानों के कार्यालयों के बाहर अज्ञात वाहनों का खड़ा होना पत्रकारों को डराने का प्रयास है, जिसे किसी भी हाल में सहन नहीं किया जाएगा।
पार्टी ने स्पष्ट किया है कि स्वतंत्र पत्रकारिता लोकतंत्र की नींव है और इसे कमजोर करने वाली हर गतिविधि की वे कड़ी निंदा करते हैं। आरएसपी ने सुरक्षा एजेंसियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
साथ ही पार्टी ने सरकार और गृह मंत्रालय से मीडिया हाउसों की सुरक्षा पुख्ता करने को कहा है। पत्रकारों से निर्भीक होकर अपना कार्य जारी रखने की अपील करते हुए आरएसपी ने उनके समर्थन का संकल्प दोहराया है।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को मीडिया संस्थानों के मुख्य द्वारों पर संदिग्ध वाहन खड़े किए गए थे। इस घटना को लेकर उपजे विवाद और अपनी पार्टी के कुछ लोगों के नाम जुड़ने के बाद आरएसपी ने यह आधिकारिक बयान जारी कर अपना रुख साफ किया है।















