भोपाल, 14 जुलाई।
राजधानी भोपाल के निवासियों के लिए अब ब्रह्मांड की गहराइयों को करीब से जानना और समझना आसान हो जाएगा। आज मंगलवार शाम 5:30 बजे आंचलिक विज्ञान केन्द्र में एक भव्य अंतरिक्ष अन्वेषण दीर्घा का लोकार्पण होने जा रहा है। इस विशेष दीर्घा का उद्घाटन केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत और प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न होगा।
यह अत्याधुनिक सुविधा राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद् के तहत विकसित की गई है, जिसमें नेहरू साइंस सेंटर, मुंबई का तकनीकी सहयोग लिया गया है। इस दीर्घा का मुख्य उद्देश्य छात्रों और आम नागरिकों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण पैदा करना और उन्हें भारत की गौरवशाली अंतरिक्ष यात्रा से रूबरू कराना है। उद्घाटन के अवसर पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ कई प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और शिक्षाविद् भी मौजूद रहेंगे।
दीर्घा में आगंतुकों को प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा के 'नासदीय सूक्त' से लेकर वर्तमान के चंद्रयान-3 और गगनयान जैसे मिशनों की उपलब्धियों को देखने का अवसर मिलेगा। आधुनिक डिजिटल तकनीक और इंटरैक्टिव प्रदर्शनों के जरिए यहां ब्रह्मांड विज्ञान को बहुत ही सरल और प्रभावी ढंग से पेश किया गया है। यह केंद्र नवाचार और शोध को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।
इस दीर्घा की सबसे बड़ी खासियत यहां मौजूद स्पेस वॉक, फ्लाइट सिम्युलेटर और रॉकेट विज्ञान से जुड़े प्रयोग हैं, जो आने वालों को अंतरिक्ष का साक्षात अनुभव कराएंगे। यहाँ त्रि-आयामी सतहों के अवलोकन के जरिए मंगल और चंद्रमा की दुनिया को समझना संभव होगा। यह पहल न केवल विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाएगी, बल्कि राज्य में विज्ञान पर्यटन को भी नई ऊंचाई प्रदान करेगी।















