तेहरान, 14 जुलाई।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष ने भीषण रूप ले लिया है। अमेरिकी सेंटकॉम ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर लगातार तीसरी रात ईरान के कई इलाकों में ताबड़तोड़ हमले किए हैं। इन हमलों में बंदर अब्बास, किश, केशम और अबू मूसा द्वीपों को निशाना बनाया गया।
ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य में यूएई के दो तेल टैंकरों पर मिसाइलें दागीं। इस हमले में एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई, जबकि छह भारतीयों सहित आठ लोग घायल हुए हैं। घायलों में चार की हालत गंभीर बनी हुई है।
इस घटनाक्रम के बाद वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में नौ प्रतिशत से ज्यादा का उछाल दर्ज किया गया है। अमेरिकी सेना ने मंगलवार शाम से ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकाबंदी लागू करने का ऐलान किया है।
तनाव बढ़ने के साथ ही सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच भी सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा से खुलासा हुआ है कि अमेरिका ने निगरानी और रीफ्यूलिंग विमानों के साथ खाड़ी क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति काफी बढ़ा दी है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि अंततः होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का नियंत्रण होगा। उन्होंने सहयोगी देशों से संघर्ष में आने वाले खर्च को साझा करने की भी बात कही है।















