तेहरान, 21 जुलाई।
अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और बढ़ गया है। ईरान ने दो तेल टैंकरों में आग लगने की पुष्टि की है। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स ने भी इस संबंध में कई रिपोर्ट मिलने की जानकारी दी है। एजेंसी के अनुसार, ओमान के लिमाह तट के पास सोमवार दोपहर एक तेल टैंकर पर किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ।
सीएनएन और अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स ने संबंधित शिपिंग कंपनी के सुरक्षा अधिकारी से मंगलवार सुबह बातचीत की। सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि जहाज का चालक दल पोत छोड़ चुका है और फिलहाल लाइफबोट में मौजूद है। इससे पहले आईआरजीसी ने दावा किया था कि होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिणी मार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे दो तेल टैंकरों में विस्फोट के बाद भीषण आग लग गई। आईआरजीसी का कहना है कि नियमों का पालन नहीं करने पर इन टैंकरों को निशाना बनाया गया।
यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स ने कहा कि घटना के बाद पर्यावरण पर किसी प्रभाव की कोई सूचना नहीं मिली है। इससे पहले रविवार को भी ओमान और संयुक्त अरब अमीरात के तटों के पास दो जहाजों पर प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ था। इस बीच अमेरिकी सेंटकॉम ने बताया कि उसने मंगलवार रात ईरान के खिलाफ हमलों का एक और चरण पूरा किया। अमेरिकी सेना ने सैन्य कमांड सेंटर, समुद्री क्षमताओं, मिसाइल, ड्रोन लॉन्च साइटों और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया। सेंटकॉम का दावा है कि महत्वपूर्ण समुद्री गलियारे से वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही जारी है और मई की शुरुआत से लगभग 900 जहाजों तथा 450 मिलियन बैरल कच्चे तेल के आवागमन में सहायता दी गई है।
पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने बताया कि इस युद्ध में 7 जुलाई से अब तक करीब 100 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें से 96 ड्यूटी पर लौट चुके हैं। यह संघर्ष पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है। हाल में अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को कड़ी चेतावनी दे चुके हैं। इसी बीच मध्यस्थों ने दोनों देशों के बीच 10 दिन के संघर्ष विराम का प्रस्ताव रखा है। अमेरिका मध्य पूर्व में अपने विमानों की संख्या बढ़ा रहा है और इजराइल पहुंचने वाले ईंधन भरने वाले विमानों की भी जानकारी सामने आई है।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, लगातार 10वीं रात ईरान के सिरिक, बंदर अब्बास, केशम द्वीप, चाबहार और कोनारक के आसपास बमबारी की गई। दूसरी ओर आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने कुवैत में कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार, हमलों में लंबी दूरी की रडार साइट, टेलीकम्युनिकेशन सेंटर, सैटेलाइट रिसीविंग सिस्टम और मिसाइल डिफेंस रडार को निशाना बनाया गया। आईआरजीसी का यह भी दावा है कि अली अल सलेम एयरबेस के एमक्यू-9 ड्रोन हैंगर पर हमला कर कई मानवरहित विमानों को नष्ट किया गया तथा बहरीन के मुहर्रक क्षेत्र में अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम और रडार को भी निशाना बनाया गया।














